Hindi Shayari - Poetry In Hindi

Best Hindi Sher O Shayari And Ghazal Collection



Mir Taqi Mir Ghazal Shayari Hindi – Bekhudi Le Gayi Kahan Hum Ko

बेखुदी ले गयी कहाँ हम को
देर से इंतज़ार है अपना

रोते फिरते हैं सारी-सारी रात
अब यही रोज़गार है अपना

दे के दिल हम जो हो गए मजबूर
इस में क्या इख्तियार है अपना

कुछ नही हम मिसाले-अनका लेक
शहर-शहर इश्तेहार है अपना

जिस को तुम आसमान कहते हो
सो दिलों का गुबार है अपना

-Mir Taqi Mir





Leave a Reply



RJShayari © 2015