Hindi Shayari - Poetry In Hindi

Best Hindi Sher O Shayari And Ghazal Collection




Tag: anmol vachan in 4 lines

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – ‘ज़िन्दगी’ की आधी शिकायतें तो

‘ज़िन्दगी’ की आधी शिकायतें तो
ऐसे ही ‘दूर’ हो जाएं . .

अगर लोग ‘एक – दूसरे’
के बारे में बोलने की जगह –

‘एक – दूसरे’ से बोलने लग जाएं!

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – ‘पहचान’ से मिला हुआ



‘पहचान’ से मिला हुआ,
-(काम….नाम….दाम)-
बहुत कम समय के लिए टिकता है..

पर…
“काम” से मिली पहचान,
उम्र भर कायम रहती है..

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – ” योगी” होने के बजाय



” योगी ” होने के बजाय
” उपयोगी ” होना ज्यादा अच्छा है,

“प्रभाव ” अच्छा होने के बजाय
“स्वभाव” अच्छा होना ज्यादा जरूरी है…। “



Anmol Vachan – Hindi Suvichar – एकता मिट्टी ने की तो ईंट बनी



एकता
मिट्टी ने की तो ईंट बनी

ईंट ने की तो दीवार बनी

दीवार ने की तो घर बना

ये बेजान चीजे हे.. ये जब एक हो सकते हे तो हम तो इंसान हैं

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – घड़ी की सुई अपने नियम से चलती है

“घड़ी की सुई अपने नियम से चलती है
इसलिए सब उसका विश्वास
करते हैं।
आप भी अपने नियम से चलिये,
लोग आपका भी विश्वास
करेंगे।”

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – कदर करलो उनकी जो तुमसे

कदर करलो उनकी जो तुमसे
बिना मतलब की चाहत करते है
.
दुनिया में ख्याल रखने वाले कम
और तकलीफ देने वाले ज्यादा होते है



Anmol Vachan – Hindi Suvichar – जिंदगी में वक्त से ज्यादा

जिंदगी में वक्त से ज्यादा
अपना या पराया कोई नहीं होता,
वक्त अपना होता है
तो सब अपने होते है
और वक्त पराया,
तो अपने भी पराये हो जाते है.

Anmol Vachan – Hindi Suvichar – मंजिल ना मिले वंहा तक हिम्मत मत हारो

मंजिल ना मिले वंहा तक हिम्मत मत हारो,
क्यों की पहाड़ से निकलने वाली नदियों ने
आज तक रास्ते में किसीको नहीं पूछा
के समन्दर कितना दूर है

RJShayari © 2015