Hindi Shayari - Poetry In Hindi

Best Hindi Sher O Shayari And Ghazal Collection

Anmol Vachan On Sahayta

डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर

डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!”


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हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं ।

हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं ।


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बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है

बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है..
यहां मतलबी रिश्ते है, फिर भी निभाना है..!

वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली

वक़्त ने ज़रा सी करवट क्या ली
गैरो की लाइन में सबसे आगे पाया अपनों को !!!!!


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