Hindi Shayari - Poetry In Hindi

Best Hindi Sher O Shayari And Ghazal Collection

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डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर

डूबे हुओं को हमने बिठाया था और फिर
कश्ती का बोझ कहकर उतारा हमें गया !!!”


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हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं

हद से बढ़ जाये ताल्लुक तो ग़म मिलते हैं ।

हम इसी वास्ते हर शख्स से कम मिलते हैं ।


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बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है

बदला हुआ वक़्त है, ज़ालिम ज़माना है..
यहां मतलबी रिश्ते है, फिर भी निभाना है..!

सूरज ढला तो कद से ऊँचे हो गए साये

सूरज ढला तो कद से ऊँचे हो गए साये,
कभी पैरों से रौंदी थी, यहीं परछाइयां हमने..


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