Hindi Shayari - Poetry In Hindi

Best Hindi Sher O Shayari And Ghazal Collection



Tag: hindi shayari 2 pankti mein

तेरे हाथों में मुझे अपनी तक़दीर नज़र आती है

तेरे हाथों में मुझे अपनी तक़दीर नज़र आती है;

देखूं मैं जो भी चेहरा तेरी तस्वीर नजर आती है…




ये ना समझना कि खुशियो के ही तलबगार है हम

ये ना समझना कि खुशियो के ही तलबगार है हम,

तुम अगर अश्क भी बेचो तो उसके भी खरीदार है हम !






RJShayari © 2015