2 Lines Dharmik Shayari – मेरी हैसियत से ज्यादा मेरे थाली में

मेरी हैसियत से ज्यादा मेरे थाली में तूने परोसा है,
तु लाख मुश्किलें भी दे दे मालिक, मुझे तुझपे भरोसा है।




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