2 Lines Sad Shayari – ” मैं तो क़ायम हूँ तेरे ग़म की बदौलत

” मैं तो क़ायम हूँ…….. तेरे ग़म की बदौलत वर्ना,
यूँ बिखर जाऊँ……. कि ख़ुद हाथ न आऊँ अपने ”




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