Inspiring Sher O Shayari – उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की

उलझनों और कश्मकश में उम्मीद की ढाल लिए बैठा हूँ …

ए जिंदगी! तेरी हर चाल के लिए मैं दो चाल लिए बैठा हूँ..




Leave a Reply