Inspiring Sher O Shayari – रहने दे मुझे इन अंधेरों में ग़ालिब

रहने दे मुझे,
इन अंधेरों में ग़ालिब…!!!

कमबख़्त रौशनी में,
अपनो के असली चहरे नज़र आ जाते है…!!!




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