Anmol Vachan – Hindi Suvichar – ‘ज़िन्दगी’ की आधी शिकायतें तो

‘ज़िन्दगी’ की आधी शिकायतें तो
ऐसे ही ‘दूर’ हो जाएं . .

अगर लोग ‘एक – दूसरे’
के बारे में बोलने की जगह –

‘एक – दूसरे’ से बोलने लग जाएं!




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – ” योगी” होने के बजाय

” योगी ” होने के बजाय
” उपयोगी ” होना ज्यादा अच्छा है,

“प्रभाव ” अच्छा होने के बजाय
“स्वभाव” अच्छा होना ज्यादा जरूरी है…। “




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – एकता मिट्टी ने की तो ईंट बनी

एकता
मिट्टी ने की तो ईंट बनी

ईंट ने की तो दीवार बनी

दीवार ने की तो घर बना

ये बेजान चीजे हे.. ये जब एक हो सकते हे तो हम तो इंसान हैं




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – किसी भी रिश्ते को

किसी भी रिश्ते को,
सिर्फ तभी पूर्ण रूप से,
निभाया जा सकता है ,
जब उसमे प्रेम और विश्वास के साथ-साथ, परस्पर सम्मान भी हो




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – कौआ अपनी भाषा बोलता है

कौआ अपनी भाषा बोलता है
तो स्वतन्त्र रहता है
परन्तु तोता दुसरे की नक़ल करता है
तो पिंजरे में बंद हो जाता है।




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – जिंदगी में वक्त से ज्यादा

जिंदगी में वक्त से ज्यादा
अपना या पराया कोई नहीं होता,
वक्त अपना होता है
तो सब अपने होते है
और वक्त पराया,
तो अपने भी पराये हो जाते है.




Anmol Vachan – Hindi Suvichar – मंजिल ना मिले वंहा तक हिम्मत मत हारो

मंजिल ना मिले वंहा तक हिम्मत मत हारो,
क्यों की पहाड़ से निकलने वाली नदियों ने
आज तक रास्ते में किसीको नहीं पूछा
के समन्दर कितना दूर है