Mohabbat Sad Hindi Shayari – Kahan Se Lau Hunar Use Manane Ka

कहाँ से लाऊ हुनर उसे मनाने का;
कोई जवाब नहीं था उसके रूठ जाने का;
मोहब्बत में सजा मुझे ही मिलनी थी;
क्यूंकी जुर्म मैंने किया था उससे दिल लगाने का।




क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज

क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज,
हाल हमारा पूँछ कर …
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं. .




नजर अंदाज करने कि कुछ तो वजह बताई होती

नजर अंदाज करने कि कुछ तो वजह बताई होती,

अब में कहाँ कहाँ खुद में बुराई ढूँढू …!




नमक तुम हाथ में लेकर, सितमगर सोचते क्या हो

नमक तुम हाथ में लेकर, सितमगर सोचते क्या हो,,
हजारों जख्म है दिल पर, जहाँ चाहो छिड़क डालो…!!




मुझे भी ज़िन्दगी में तुम ज़रूरी मत समझ लेना

मुझे भी ज़िन्दगी में तुम ज़रूरी मत समझ लेना,
सुना है तुम ज़रूरी काम अक्सर भूल जाते हो…!!




देखना एक दिन बदल जाऊगा पूरी तरह मैं

देखना .. एक दिन बदल जाऊगा पूरी तरह मैं,
तुम्हारे लिए न सही..
लेकिन…तुम्हारी वजह से ही सही..!!